मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के बीच भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में खलबली मच गई है. पाकिस्तान का एनर्जी सेक्टर गंभीर संकट से जूझने पर मजबूर हो गया है. क्योंकि पाकिस्तान के पास अब कुछ ही दिनों के लिए कच्चे तेल से लेकर एलएनजी गैस सप्लाई तक का स्टॉक बचा हुआ है. इसी बीच कतर ने भी पाकिस्तान को तगड़ा झटका दिया है. कतर ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि अब वह पाकिस्तान की एलएनजी (LNG) सप्लाई पर रोक लगा देगा. इस फैसले के बाद पाकिस्तान पूरी तरह से बौखलाया हुआ है.
दरअसल, कतर और संयुक्त अरब अमीरात मिलकर पाकिस्तान के LNG जरूरत को 99 प्रतिशत पूरा करते हैं. इसके अलावा भारत की भी 53 प्रतिशत जरूरत इन दोनों देशों से पूरी होती है. अगर ये एलएनजी पर पावंदी लगा देते हैं, तो भारत के पास दूसरा विकल्प तैयार है, लेकिन पाकिस्तान के पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं है. ऐसे में अब पाकिस्तान कतर के इस फैसले के बाद क्या करेगा और इस चुनौती से कैसे निकल पाएगा, उसके लिए यह काफी चुनौती भरा फैसला हो सकता है.
पाकिस्तान में मंडराया एनर्जी संकट
कतर के नोटिस के बाद पाकिस्तान के फेडरल एनर्जी मिनिस्टर अली परवेज मलिक ने इसकी जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि कतर से इस फैसले का सीधा असर पाकिस्तान की एनर्जी सेक्टर में दिखाई देगा. आने वाले दिन काफी गंभीर हो सकते हैं.
कतर ने क्यों लिया फैसला?
मिडिल ईस्ट में इन दिनों इजरायल और ईरान के बीच युद्ध छिड़ा हुआ है. इसी बीच ईरान ने कतर के कई प्लांटों पर मिसाइल दाग दिए. मिसाइल दागे जाने के बाद कतर ने एलएनजी के प्रोडक्शन और सप्लाई को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया. इसके बाद जिन देशों को सप्लाई करनी थी, उनको भी नोटिश जारी कर हाथ खड़े कर लिए.