घटना दिनदहाड़े उस समय हुई जब 12 वर्षीय लड़की अपनी 3 साल की चचेरी बहन को घर के पास स्थित दुकान पर सामान दिलाने के लिए लेकर जा रही थी। इसी दौरान स्कूटी पर सवार एक महिला अपने साथी के साथ वहां पहुंची। दोनों ने अपने चेहरे ढके हुए थे। कुछ ही क्षणों में महिला ने बच्ची को जबरदस्ती अपने कब्जे में लेने की कोशिश शुरू कर दी। अचानक हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोग भी कुछ देर तक स्थिति को समझ नहीं पाए।
12 वर्षीय लड़की ने छोटी बच्ची को बचाने के लिए पूरी हिम्मत दिखाई और उसका हाथ नहीं छोड़ा। महिला लगातार बच्ची को अपनी ओर खींचती रही, जबकि लड़की उसे बचाने का प्रयास करती रही। इसी दौरान दोनों के बीच हाथापाई भी हुई। आरोप है कि महिला ने लड़की को कई थप्पड़ मारे, लेकिन इसके बावजूद उसने अपनी बहन को बचाने की कोशिश जारी रखी और पीछे हटने से इनकार कर दिया।
कुछ देर बाद महिला बच्ची को लेकर स्कूटी पर बैठ गई और उसका साथी वाहन चलाने लगा। बच्ची को छुड़ाने के लिए लड़की ने स्कूटी को पकड़ लिया और रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान वह सड़क पर गिर गई, लेकिन उसका हाथ छूटने से पहले स्कूटी उसे काफी दूरी तक घसीटती हुई ले गई। इस घटना में लड़की के हाथ और पैर पर चोटें आईं। पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो बाद में सामने आया।
घटना के बाद घायल लड़की को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। परिजनों ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। वीडियो के आधार पर घटना के क्रम और उसमें शामिल लोगों की भूमिका की विस्तार से पड़ताल की जा रही है।
शिकायत के अनुसार, महिला पहले परिवार के साथ रहती थी, लेकिन पिछले कुछ समय से अलग रह रही है। परिवार के भीतर बच्चों की देखभाल और उनके साथ रहने को लेकर विवाद चल रहा है। बताया गया है कि बच्चों की कस्टडी का मामला न्यायालय में विचाराधीन है और अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम आदेश जारी नहीं हुआ है। इसी पारिवारिक विवाद के बीच यह घटना सामने आई।
परिजनों का कहना है कि घटना के समय महिला अपने एक साथी के साथ स्कूटी पर पहुंची थी और दोनों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे ढक रखे थे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि महिला छोटी बच्ची को अपने साथ ले गई, जबकि उसे बचाने की कोशिश कर रही 12 वर्षीय लड़की को धक्का दिया गया और मारपीट भी की गई। इन आरोपों की जांच पुलिस द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
घटना के दौरान मौजूद बच्ची ने भी बताया कि वह अपनी छोटी बहन के साथ दुकान की ओर जा रही थी। तभी महिला और उसका साथी वहां पहुंचे और बच्ची को अपने साथ ले जाने लगे। उसने विरोध करते हुए बहन को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसे धक्का दिया गया और स्कूटी आगे बढ़ने पर वह सड़क पर गिर गई। उसके अनुसार, बहन को बचाने के प्रयास में उसे चोटें भी आईं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में पहले से दर्ज रिकॉर्ड, नई शिकायत, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी भी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बच्चों की कस्टडी से जुड़े मामले में न्यायालय के अंतिम आदेश का भी पालन किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को एकत्र किया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और उसी के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

