एक राजनीतिक संगठन के संस्थापक ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री से देश के युवाओं को संबोधित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मौके पर सरकार को युवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी योजनाओं और कदमों के बारे में जानकारी देनी चाहिए।
उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री से शिक्षा, बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दों पर युवाओं के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में बताने का अनुरोध किया।
पोस्ट के साथ एक ऑनलाइन पिटीशन का लिंक भी साझा किया गया। लोगों से अपील की गई कि अगर वे इस मांग का समर्थन करते हैं तो पिटीशन पर हस्ताक्षर करें।
शनिवार सुबह तक इस ऑनलाइन याचिका पर 32 हजार से ज्यादा लोगों के हस्ताक्षर होने का दावा किया गया। पिटीशन के लिए दिए गए लिंक पर जाने पर संबंधित संगठन की वेबसाइट खुलती है, जहां हस्ताक्षर करने का विकल्प उपलब्ध है।
संगठन की ओर से सितंबर से देशभर में एक जनसंपर्क अभियान शुरू करने की भी घोषणा की गई है। इस अभियान के तहत गांवों और शहरों में जाकर युवाओं से बातचीत करने की बात कही गई है।
अभियान में बेरोजगारी और महंगी शिक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी है। संगठन का कहना है कि युवाओं से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझने की कोशिश की जाएगी।
इससे पहले संगठन की ओर से नीट परीक्षा में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर राजधानी में लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन भी किया गया था। यह धरना 20 जून से 25 जुलाई तक चला था।
विरोध प्रदर्शन के दौरान शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांगा गया था। बाद में तत्कालीन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद संगठन ने धरना समाप्त करने की घोषणा की थी।
संगठन ने अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्यों के नामों की घोषणा करने की जानकारी भी दी है। इसके साथ ही आने वाले महीनों में संगठनात्मक ढांचे को देशभर में मजबूत करने की योजना बताई गई है।
अगले छह महीनों में विभिन्न राज्यों के साथ-साथ लोकसभा और शहर स्तर पर समन्वय इकाइयां गठित करने की बात कही गई है। संगठन का कहना है कि इन इकाइयों के जरिए देशभर में अभियान और जनसंपर्क गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा।

