खड़गे के मंच शुद्धिकरण पर राहुल का BJP-RSS पर हमला: बोले- मनुवादी सोच को बढ़ावा दिया जा रहा, कांग्रेस करेगी देशभर में सत्याग्रह

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी रैली के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण को लेकर BJP और RSS पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं ऐसी सोच को बढ़ावा देती हैं, जिसमें इंसान की हैसियत उसके जन्म के आधार पर तय की जाती है, जबकि संविधान समानता और इंसानियत की बात करता है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मंच के शुद्धिकरण की घटना एक ऐसी मानसिकता को दर्शाती है, जो आज भी लोगों के बीच जन्म के आधार पर भेदभाव करती है। राहुल ने इसे संविधान की भावना के खिलाफ बताया और समानता के अधिकार पर जोर दिया।

यह विवाद मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी में हुई रैली के बाद शुरू हुआ। खड़गे ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक सभा को संबोधित किया था। उनके मुताबिक, उन्होंने अपने भाषण में किसी समाज या धर्म का नाम लिए बिना लोगों की समस्याओं को उठाया था।

खड़गे का आरोप है कि उनके भाषण के बाद अगले दिन कुछ हिंदू संगठनों ने उसी मंच पर हवन कर उसका शुद्धिकरण किया। इस घटना पर उन्होंने नाराजगी जताई और कहा कि वे अनुसूचित जाति से आते हैं तथा लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में हैं, लेकिन उन्होंने कभी अपनी सुरक्षा या सम्मान के लिए किसी के सामने गिड़गिड़ाने का रास्ता नहीं अपनाया।

खड़गे ने इस मामले में कार्रवाई की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि यदि मंच का शुद्धिकरण उनकी जाति के कारण किया गया है, तो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत मामला दर्ज करने और कार्रवाई किए जाने की मांग रखी।

राहुल गांधी ने इसी मुद्दे को व्यापक सामाजिक और राजनीतिक सवाल से जोड़ते हुए BJP-RSS पर मनुवादी सोच को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और किसी व्यक्ति की गरिमा उसके जन्म या जाति से तय नहीं होनी चाहिए।

कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को लेकर देशभर में कार्यक्रम करने का फैसला किया है। पार्टी के अनुसार, 14 अगस्त को अलग-अलग जिलों के मुख्यालयों पर मार्च और सत्याग्रह किया जाएगा। कांग्रेस इस अभियान के जरिए सामाजिक समानता और संविधान की भावना से जुड़े मुद्दों को उठाने की तैयारी में है।

इस मामले पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि खड़गे के साथ हुई घटना या उससे जुड़ी भावनाओं के आहत होने की बात दुखद है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी किसी गतिविधि का समर्थन नहीं किया जाना चाहिए और यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

जेपी नड्डा ने साथ ही कहा कि इस घटना का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। इस तरह दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाओं के बीच यह मामला अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। एक तरफ कांग्रेस इसे सामाजिक भेदभाव और संविधान के अपमान से जोड़ रही है, जबकि दूसरी तरफ घटना की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही जा रही है।

मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और पार्टी के अध्यक्ष भी हैं। वे अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं और लंबे समय तक कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और संसद में भी लंबे समय तक अपनी भूमिका निभाई। मंच शुद्धिकरण की घटना को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस की प्रतिक्रिया के बाद अब यह मुद्दा सामाजिक समानता, जातिगत भेदभाव और संविधान की भावना से जुड़ी बहस के केंद्र में आ गया है।