जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से जुड़ा संकट लगातार गहराता जा रहा है। शुक्रवार को इस मामले में एक और व्यक्ति की मौत हो गई, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 26 हो चुकी है। मृतक की पहचान 63 वर्षीय बद्री प्रसाद के रूप में हुई है, जिन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद 17 जनवरी को अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बताया गया है कि बद्री प्रसाद पहले से टीबी की बीमारी से भी पीड़ित थे।
थम नहीं रहा मौतों का सिलसिला
भागीरथपुरा में दूषित पानी से होने वाली बीमारियों और मौतों का सिलसिला अभी रुकता नजर नहीं आ रहा है। वर्तमान स्थिति यह है कि अरविंदो अस्पताल में 10 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से एक मरीज वेंटिलेटर पर है। स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के अनुसार, भर्ती मरीजों में से 8 ऐसे हैं, जो पहले से अन्य गंभीर बीमारियों से भी जूझ रहे हैं। इससे स्थिति और अधिक जटिल बनी हुई है।
30% इलाके में शुरू हुई सीमित पानी सप्लाई
दूषित पानी कांड के बाद क्षेत्र में जल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर आंशिक सुधार की कोशिशें की जा रही हैं। फिलहाल भागीरथपुरा के लगभग 30% हिस्से में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई शुरू की गई है। इस पानी की नियमित जांच भी की जा रही है। हालांकि, रहवासियों का भरोसा अभी पूरी तरह वापस नहीं लौटा है। बड़ी संख्या में लोग अब भी आरओ और टैंकर के पानी पर ही निर्भर हैं।
70% क्षेत्र में पाइपलाइन का काम जारी
बाकी बचे 70% इलाके में नई पाइपलाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस माह के अंत तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा। दरअसल, जिस 30% हिस्से में पानी सप्लाई शुरू हुई है, वहां दो साल पहले मुख्य पाइपलाइन डाली जा चुकी थी। उसी लाइन में लीकेज की जांच के बाद वैकल्पिक दिनों में पानी दिया जा रहा है।
क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला के अनुसार, शेष 70% हिस्से में नई मेन पाइपलाइन डालने का कार्य जारी है और इसे जनवरी के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
टैंकरों से चल रही जल आपूर्ति
जब तक पूरी पाइपलाइन व्यवस्था दुरुस्त नहीं होती, तब तक क्षेत्र में टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है। रोजाना 50 से अधिक टैंकरों से जल वितरण किया जा रहा है। जहां पाइपलाइन का काम चल रहा है, वहां टैंकरों को गलियों के पास तक पहुंचाया जा रहा है ताकि लोगों को दूर तक पानी भरने न जाना पड़े।
मौतों के आंकड़ों पर पहले भी रहा विवाद
इस पूरे मामले में मौतों के आंकड़ों को लेकर पहले भी प्रशासन पर सवाल उठते रहे हैं। शुरुआती दौर में प्रशासन ने 4 मौतों की पुष्टि की थी, बाद में यह संख्या 6 बताई गई। इसके बाद हाई कोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट में 21 मौतों में से 15 मौतें स्वीकार की गईं। अब कुल 26 मौतें हो चुकी हैं। मामले में अगली स्टेटस रिपोर्ट 27 जनवरी को पेश की जानी है।
अलग-अलग अस्पतालों में गंभीर मरीजों का इलाज जारी
सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी के अनुसार, विभिन्न अस्पतालों में अभी भी कई मरीजों का इलाज चल रहा है। अपोलो अस्पताल में 58 वर्षीय मरीज का इलाज किया जा रहा है, जो पैर में गंभीर इंफेक्शन और किडनी की बीमारी से ग्रस्त है।
केयर सीएचएल अस्पताल में 23 वर्षीय महिला भर्ती है, जिसे एमचीबी और बेसल मेनेजाइटिस विथ हाईड्रोसिफेलस की समस्या है।
अरविंदो अस्पताल में 66 वर्षीय महिला लिवर में सूजन और संक्रमण से पीड़ित है। वहीं 70 वर्षीय बुजुर्ग गंभीर चोटों और एसडीएच से ग्रस्त हैं। इसके अलावा, दो अन्य मरीज वार्ड में भर्ती हैं, जो डायरिया से लगभग पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं और उन्हें डिस्चार्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
बॉम्बे अस्पताल में 65 वर्षीय बुजुर्ग मल्टी ऑर्गन डिस्फंक्शन सिंड्रोम और इनसेफेलोपैथी से पीड़ित हैं। वहीं 65 वर्षीय महिला और 72 वर्षीय बुजुर्ग सेंसरी पॉलीन्युरोपैथी की समस्या से जूझ रहे हैं। इसके अलावा 67 वर्षीय महिला हायपोक्सिक इस्कीमिक इनसेफेलोपैथी, यानी ब्रेन में ऑक्सीजन की कमी से उत्पन्न बीमारी के कारण भर्ती है।
लोगों में अब भी डर और अविश्वास
लगातार सामने आ रही मौतों और बीमारियों के कारण भागीरथपुरा के रहवासियों में भय और अविश्वास का माहौल बना हुआ है। प्रशासन भले ही सुधारात्मक कदम उठाने का दावा कर रहा हो, लेकिन जमीन पर हालात पूरी तरह सामान्य होने में अभी वक्त लगने की संभावना है।