महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) को लेकर चल रही सियासी हलचल के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बगावत करने वाले नेताओं को कड़ा संदेश दिया है. हाल के दिनों में पार्टी के कुछ सांसदों के अलग गुट बनाने या दूसरे खेमे में जाने की चर्चाओं के बीच राउत ने दावा किया कि यह सब एक सुनियोजित राजनीतिक अभियान का हिस्सा है.
राउत ने आरोप लगाया कि पार्टी के सांसदों को भारी आर्थिक प्रलोभन देकर तोड़ने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना था कि कुछ नेताओं को करोड़ों रुपये के ऑफर दिए गए हैं, लेकिन शिवसेना (UBT) के सांसद ऐसे दबाव या लालच में आने वाले नहीं हैं.
बागी सांसदों को राउत की चेतावनी
बागी सांसदों को खुली चेतावनी भी दी. संजय राउत ने कहा कि एक ने साईं बाबा की शपथ ली, एक ने मां भवानी की शपथ ली, एक ने अपनी मां की शपथ ली तो एक और ने अपनी मां की शपथ ली तो एक और ने अपनी मां-बेटी की शपथ ली, इसके बाद भी कोई शिवसेना छोड़कर गया तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं. राउत ने प्रेस वार्ता में कहा कि जिन्हें जाना है, वो इस्तीफा देकर जा सकते हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दलों द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन टाइगर का जवाब पार्टी अपने तरीके से देगी. राउत के मुताबिक उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में सांसदों और नेताओं की एकजुटता बरकरार है और पार्टी को कमजोर करने की हर कोशिश नाकाम होगी.
दलबदल के कितने सांसद जरूरी?
लोकसभा में यूबीटी बागी सांसदों को दलबदल के लिए 7 सांसदों का समर्थन चाहिए. मतलब यह कि अगर संख्या 7 से कम होती है तो सांसदों को चुनाव में उतरना होगा. जबकि अगर संख्या 7 हेाती है तो किसी भी तरह से चुनाव नहीं उतरना पड़ेगा. पिछले 1 हफ्ते से महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी गुट में टूट की खबरें चल रही हैं. हालांकि पिछले दिनों उद्धव ने एक बैठक भी बुलाई थी, जिसमें महज 4 सांसद ही पहुंचे थे. इसके बाद से ही टूट की खबरों को हवा मिली थी.