उज्जैन जिले के महिदपुर क्षेत्र में जमीन को लेकर हुए विवाद का मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सदस्य और जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि प्रताप सिंह गुर पर किसानों को पिस्टल दिखाकर धमकाने और जान से मारने की चेतावनी देने का आरोप लगाया गया है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता गोविंद सेन ने पुलिस को बताया कि 18 जून की शाम वह अपने खेत पर रखे भूसे को उठाने पहुंचे थे। इसी दौरान प्रताप सिंह गुर अपने दो सहयोगियों के साथ जेसीबी मशीन लेकर वहां पहुंचे और खेत के पास खाई की खुदाई शुरू करा दी। शिकायत के मुताबिक, जब उन्होंने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

गोविंद सेन का आरोप है कि विवाद के दौरान उनके परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए और बातचीत के ज
रिए मामला शांत कराने का प्रयास किया। इसी दौरान प्रताप सिंह गुर ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकालकर उनकी ओर तान दी और वहां से हट जाने की धमकी दी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने जान से खत्म करने जैसी धमकी भी दी।
मामले का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने उसे जांच का हिस्सा बनाया है। वीडियो में प्रताप सिंह गुर के हाथ में पिस्टल दिखाई देने और कैमरे की ओर बढ़कर वीडियो रिकॉर्डिंग रोकने की कोशिश करते हुए नजर आने की बात कही जा रही है। पुलिस वीडियो की जांच के साथ-साथ प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज कर रही है।

दूसरी ओर, प्रताप सिंह गुर ने आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि वे अपनी जमीन से जुड़े विवाद का समाधान कराने पहुंचे थे। उनका कहना है कि सीमांकन के बाद भी उनकी जमीन पर अवैध कब्जे जैसी स्थिति बनी हुई थी, इसलिए जेसीबी बुलाकर अवरोध हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर राजनीतिक दबाव और विरोधियों की साजिश का हिस्सा है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।