भारत पर लगातार अमेरिकी टैरिफ बढ़ाने की धमकी देने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अपने भारी-भरकम टैरिफ को घटाने की घोषणा कर दी है. यानी अब भारत पर लगने वाले 50% टैरिफ घटकर मात्र 18% रह जाएगी. इसकी जानकारी खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल ट्रूथ के माध्यम से दी है. अब सबके मन में एक ही सवाल है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि अमेरिकी टैरिफ की धमकी देने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को घटाने का फैसला किया. यहां विस्तार से समझते हैं.
ट्रंप ने क्यों कम किया टैरिफ?
अमेरिकी टैरिफ कम करने के ऐलान के बाद सबके मन में एक ही सवाल पैदा हो रहा है कि आखिर इसके पीछे ट्रंप की क्या चाल है. उन्होंने ऐसा क्यों किया. बता दें, ट्रंप के इस अचानक ऐलान के पीछे कई रणनीतिक और आर्थिक कारण हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद को ‘ग्लोबल डीलमेकर’ के तौर पर पेश करना चाहते हैं. भारत ऐसा देश है, जिसकी काफी तेजी अर्थव्यवस्था बढ़ रही है. इसलिए उनके लिए यह ट्रेड राजनीतिक और आर्थिक दोनों लिहाज से फायदेमंद है.
India-EU डील का भी असर
इसके अलावा टैरिफ कम करने की दूसरी सबसे बड़ी यह वजह है कि भारत ने यूरोपीय यूनियन (EU) के साथ एक बड़ा ट्रेड एग्रीमेंट कर दुनिया को चौंका दिया था. इस डील में 96 प्रतिशत से ज्यादा उत्पादों पर टैरिफ घटाने या खत्म करने की बात तय हुई है. एक्सपर्टों का मानना है कि डील के बाद इसका दबाव अमेरिका पर भी पड़ा है. शायद यही वजह रही कि ट्रंप ने अपने फैसले को बदलने का विचार किया और भारत पर लगी अमेरिकी टैरिफ को कम करने की घोषणा कर दी.
ईयू डील के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका भी भारत के साथ व्यापारिक डील करता है यानी अपने टैरिफ को कम करता है तो दोनों देशों का व्यापार में काफी फायदा होगा. टैरिफ कम करने की घोषणा के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भारत को EU को दी गई रियायतों के बराबर अमेरिका अवसर दे सकता है. हालांकि, ट्रंप अब आगे क्या करते हैं. इसको लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा है कि हम टैरिफ को जीरो कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने इसके लिए शर्तें भी रखी हैं.