देश के तीन अहम राज्यों—असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में आज विधानसभा चुनाव के लिए एक ही चरण में मतदान जारी है। तीनों राज्यों की कुल 296 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं और दोपहर 3 बजे तक मतदान का रुझान उत्साहजनक रहा। चुनाव आयोग के मुताबिक इस समय तक असम में 75.91%, केरल में 62.71% और पुडुचेरी में 72.40% मतदान दर्ज किया गया है, जो मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
मतदान के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की झड़पों की घटनाएं भी सामने आईं। पुडुचेरी के मन्नादिपेट इलाके में एक पोलिंग बूथ पर कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच विवाद हो गया, जो बढ़ते-बढ़ते झड़प में बदल गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। वहीं, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी ने आम लोगों के बीच सादगी का संदेश देते हुए मोटरसाइकिल से मतदान केंद्र पहुंचकर अपना वोट डाला।
केरल में भी राजनीतिक माहौल गर्म नजर आया। तिरुवनंतपुरम में पूर्व रक्षा मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता ए.के. एंटनी ने मतदान करने के बाद भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की जनता भाजपा को स्वीकार नहीं करती और 10 साल के कथित कुशासन के बाद इस बार बदलाव तय है। दूसरी ओर, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कन्नूर में वोट डाला, जबकि अभिनेता मोहनलाल और केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी जैसे चर्चित चेहरों ने भी मतदान कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी निभाई।
असम में मतदान से पहले मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने गुवाहाटी स्थित मां कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद पत्नी के साथ जालुकवारी में मतदान किया। हालांकि बरपेटा जिले में सुबह तेज बारिश के कारण मतदान की रफ्तार कुछ समय के लिए प्रभावित हुई।
चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें तो असम की 126 सीटों पर 41 राजनीतिक दलों के कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। केरल में 2.71 करोड़ मतदाता 890 उम्मीदवारों में से अपने प्रतिनिधि का चयन कर रहे हैं। वहीं पुडुचेरी में 20 पार्टियों के 294 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। खास बात यह है कि तीनों राज्यों में मिलाकर 10 लाख से अधिक मतदाता पहली बार अपने मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह चुनाव काफी अहम माना जा रहा है। केरल में 70 वर्षों के इतिहास में पहली बार कोई मुख्यमंत्री लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश कर रहा है। असम में भाजपा मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की रणनीति के साथ मैदान में है। वहीं पुडुचेरी में एन. रंगास्वामी, जो पहले कांग्रेस में थे और अब अपनी अलग राजनीतिक पहचान रखते हैं, पांचवीं बार सत्ता हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, तीनों राज्यों में मतदान शांतिपूर्ण लेकिन उत्साहपूर्ण माहौल में जारी है, जहां राजनीतिक दिग्गजों से लेकर आम मतदाता तक लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।