नेशनल टेस्टिंग एजेंसी(NTA) ने NEET-UG परीक्षा 2026 रद्द कर दी है. पेपर लीक के आरोपों के बाद एनटीए ने ये फैसला लिया है. मामले में 45 लोगों को हिरासत में लिया गया है. वहीं पूरे मामले में अब सीबीआई जांच की जाएगी. अब जल्द ही दोबारा परीक्षा के लिए तारीखों का ऐलान किया जाएगा. 3 मई को देशभर में NEET-UG परीक्षा का आयोजन किया गया था.
45 लोगों को हिरासत में लिया गया
एनटीए की तरफ से जानकारी देते हुए बताया गया कि केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद फैसला लिया गया है. अभी तक पेपर लीक को लेकर 45 लोगों को हिरासत में लेने की जानकारी सामने आ रही है. वहीं पेपर रद्द होने के बाद एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में जमकर विरोध प्रदर्शन किया.
सेंटर्स में कोई बदलाव नहीं, फीस भी वापस होगी
एनटीए की तरफ से साफ किया गया है कि जिन छात्रों ने पहले परीक्षा दी है, उनके सेंटर्स में कोई भी बदलाव नहीं किया जाएगा. साथ ही दोबारा रजिस्ट्रेशन करवाने की जरूरत नहीं होगी. इसके अलावा अभ्यर्थियों को उनकी फीस भी वापस की जाेएगी. बता दें देशभर से NEET-UG परीक्षा 2026 में 22 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे.
‘5-5 हजार लेकर पेपर लीक किए गए’
एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं का कहना है, ‘पूरे देश के विद्यार्थी सड़कों पर हैं. सरकार कहां है. जिन लोगों ने पूरे मेहनत से नीट की तैयारी की. 5-5 और 10-10 हजार रुपये लेकर व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए पेपर लीक किए गए. सरकार दोषियों पर कार्रवाई करे. मोदी सरकार और एनटीए काम कराने में सक्षम नहीं है. सरकार के कई लोग मिले हुए हैं. उनकी मिलीभगत के कारण पेपर लीक हुआ है. धर्मेंद्र प्रधान अपनी नैतिक जिम्मेदारी देते हुए इस्तीफा दें. सरकार की भी मिलीभगत है. पेपर जिस तरह से एक के बाद एक लीक हो रहै हैं. सरकार नीट जैसा महत्वपूर्ण परीक्षा नहीं करवा पा रही है. सीबीआई जांच की बात कही जा रहा है. लेकिन पिछली बार के दोषियों पर सीबीआई ने क्या कार्रवाई की. हम चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो. सरकार पर अब भरोसा नहीं रहा.’